Thursday, April 6, 2017

मेरी आँखें खोल दे

जय मसिह की आप सभी को येशु मसीह के नाम में मेरा सलाम । वचन बताता है कि "मेरी आँखें खोल की में तेरी व्यवस्था की अद्भुत बाते देख सकू " इसका मतलब है कि क्या हमारी आँखे बंद है क्या हम अंधे है क्या आज तक हम कुछ देख नहीं पा रहे है क्या हमने इतने साल ऐसेही बिता दिए है । हमे तो इतनी पढ़ाई करी है हम तो इतनी अच्छी नॉकरी करते है और अगर हम कुछ सामान भी लाते है तो वो देख कर ही लाते है तो हम कैसे माने की हमारी आँखे बंद है और हमे दिखाई नही देता।
मेरे अज़ीज़ों आँखे दो प्रकार की होती है एक तो वो जिससे हम देखते है या जिससे हम किसी वस्तु या विषय को देखते है । और दूसरी वो जो हमारी आत्मा की होती है जिससे हम खुदा के काम को खुदा के लोगो को पेहचान सकते है ।
क्योकि वचन बताता है की जब आत्मा तुम पर आएगा तो वो तुमको भले और बुरे दोनों के बारे में बतायेगा जिस प्रकार येशु मसीह आत्मा में जान गए थे की मुझे किसी ने छुआ है क्योंकि मुझमे से सामर्थ निकली है मेरे भाइयो और बहनों आज हम अपनी शारीरिक आँखों के चलते बन्धुआई में जा रहे है क्योकि हमारी आँखे दुनिया की चका चोन्ध रौशनी की तरफ हमे ले जा रही है ऐश और आराम की ज़िंदगी ने हमे हमारे उस मार्ग से बहका दिया जो हमे खुदावंद की ओर से मिला था की जाओ जा कर जाती जाती के लोगो को सुसमाचार का प्रचार करो जो आज्ञा मेने तुमको सुनाई है वो लोगो को मानना सिखाओ । लेकिन आज हम इन बातों से काफी दूर है और आज की इस व्यस्थ ज़िन्दगी में हम ये सोचते है कि हमे अपने बीवी बच्चे का ध्यान भी तो रखना है उसके लिए नॉकरी करनी है और जब नॉकरी करेंगे तो हमे अपने जीवन यापन के तरीकों को भी बदलना पड़ेगा और इसी के चलते हम इन बातों में इतना उलझ जाते है कि हम ये भूल जाते है कि खुदा ने हमसे क्या कहा था। और हम सोचने लगते है कि वे काम तो पादरी लोगो का है और हमारी ज़िम्मेदारी है कि हम चर्च जाए और वो भी क्रिसमस और न्यू ईयर पर और गुड़ फ्राइडे ईस्टर पर लेकिन मेरे अज़ीज़ों आप एक बार खुदा के कलाम को पढ़िए और उस में लिखी बातों पर अम्ल किजिये यकीनन खुदा आपके मन की आँखों को खोलेगा और आप सब कुछ साफ़ साफ़ देख पाएंगे  क्योकि वचन में तो लिखा है कि सकरा है वो मार्ग जो मसीह की और जाता है । वचन में लिखा है कि एक दिन खुदा ने उस गधी का मुँह खोल दिया और वो इंसानी ज़ुबाँ में बात करने लगी।बाइबिल में एक और ज़िक्र की तरफ ले जाना चाहता हूँ लिखा है तिमाई के पुत्र बर्तिमाई के विषय में की वो एक दिन ज़ोर ज़ोर से पुकारने लगा आँखों से अंधा है देख नही सकता लेकिन पुकार कर कहने लगा की हे दाऊद की संतान जे दाऊद की संतान मुझ पर दया कर उसको किसने बताया कि वो प्रभु है उसको किसने बताया कि वो सब कुछ कर सकता है उसको इतना ईमान कहा से आया की वो बड़ी भीड़ की परवाह किये बिना ही चिल्लाने लगा मालुम है क्यों क्योकि इसकी मन की उसकी आत्मा की आँखे खुल चुकि थी वो पहचान गया था कि वे ही है जो सच्चा है जो सब कुछ कर सकता है तभी तो येशु के पूछने पर बोल की ये बस में देखने लगु । क्या आपकी आत्मा की आँखे खुली है क्या आप सही और गलत का फर्क समझ पाए है ।
एक बात बताना चाहता हूँ जब मैने इस बात को जाना की अभी तक हम लोग जो कर रहे थे वो सब गलत है बाइबिल के अनुसार जो की बाइबिल बताती है वैसे तो हम उस चर्च के सदस्य थे जो बड़े चर्च थे और वहां पर लोग भी काफी आते थे और काफी सहूलियत भी मिलती थी जैसे हमारी स्कुल की किताबें मिलना और भी कई चीजें । ये उन चर्चस की बाते है जो मेन लाईन कहलाते है । लेकिन जब मेने ये जाना की बाइबिल में लिखा क्या है और जब मेरी मुलाकात उन लोगो से हुआ जो लोग खुदा के कामो को अंजाम देते थे तो मैने उनकी संगति करनी शुरू कर दी और मालुम चला की अभी तक मेरी भी आँख बंद थी और इस बात को जान्ने के बाद जब मैने सोचा की मुझको भी लोगो को बताना चाहिए की बाइबिल पढो और सत्य को जानो मेने बोला की आप वचन पढो जैसे मेरी आँखें खुली है आपको भी खुल जाएगी तो किसी ने बोला गाली देते हुए की अबे अभी तक अंधा था क्या लोगो ने मेरा मज़ाक उडाया और मुझ पर हसने लगे उस समय मुझे बहुत बुरा लगा पर मैं चुप रहा और लोग हस्ते रहे ।
अज़ीज़ों जब आप भी सही को पहचानोगे तो लोग भी आपका मज़ाक उड़ाएंगे और आपको बोलेंगे की आप ऐसी जगह जाए जहाँ पर आपको सहायता मिल सके यहां पर आपको कुछ नहो मिलेगा ये वो लोग है जो आपको आगे बढ़ने नही देंगे अगर मैं उस दिन उनकी बातों को मान लेता और उनके साथ चला जाता तो मेरे भाइयो आज में खुदा के काम को अंजाम ना दे रहा होता इसलिए मेरे भाइयो आप लोगो से मेरा अनुरोध है कि आप लोग भी किसी की बातों में ना आये बस खुदा के कलाम को ले और पढ़ना शुरू कर दे खुदा आपके मन की आपके आत्मा की आँखे खोल देंगे और आप सब कुछ साफ़ साफ़ देखने लगेंगे।

मेरी आंखें खोल दे, कि मैं तेरी व्यवस्था की अद्भुत बातें देख सकूं। - [भजन ११९:१८]

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