Sunday, March 26, 2017

धोखा देने के बारे में बाईबल हमे क्या बताती है।


चाहे वह अपनी पत्नी या पति के साथ शादी में धोखा दे रहें हो या अपनी प्रेमिका या प्रेमी को धोखा देना हो,धोका देना हमेशा पाप होता है इंजील के पास धोखाधड़ी और उसके पापी स्वभाव के बारे में बहुत कुछ है।

हम हमेशा सेलिब्रिटी और दुनिया के लोगों के बारे में सुनाते हैं जो अपने साथी को धोखा देते हैं और हम उनकी बातों को सुनकर दुखी होते है और अपनी राय देना शुरू करदेते है ।लेकिन हम ये भूल जाते है कि शैतान भी खुदा के लोगो को अपने धोका देने की आत्मा से भक्त रहा है।इसलिए मेरे अज़ीज़ों शैतान की योजनाओं से दूर रहें क्योकि वो आपको और आपके मन्नको बहकाना जानता है उसको मालुम है कि जवान लड़को को और जवान लड़कियों को कैसे बहकाना है । वो जानता है कि आपके मन को कैसे चलाना है क्योंकि वचन बताता है कि सबसे अधिक अपने मन की रक्षा कर क्योकि मन तो धोका देने वाला है।
उदाहरण
धोखाधड़ी हमेशा चुंबन, स्पर्श या छेड़खानी नहीं होती है यदि आपको टेक्स्ट संदेश हटाना है तो आपका साथी उन्हें नहीं दिखाएगा, आप पहले से ही वहां हैं जहाँ पर धोके की शुरुआत होती है। अगर आप अपने पति से कुछ बात छुपा रहे है और कुछ ऐसा कर रहे है जो आपके पति को नहीं मालूम तो आप अपने पति को धोखा दे रहे है ।

नीतिवचन 12:22 झूठो से यहोवा को घृणा आती है परन्तु जो विशवास से काम करते है उनसे वह प्रसन होता है
मरे अज़ीज़ों वचन बताता है कि अगर आप झूट बोलते है तो परमेश्वर आपसे प्रेम नही करते जैसे जब हम किसी से नफरत करते है तो हम उसका चेहरा भी देखना नही चाहते और ना ही उसकी आवाज़ सुनना चाहते है इसी तरह से हमारा परमेश्वर भी करता है खुदा के कलाम में कई बार कहा गया है कि झूट मत बोलो धोका मत दो क्योकि तुमने अपने पुराने वस्त्र उतार दिए है कुलुस्सियों 3: 9-10 एक दूसरे से झूट मत बोलो क्योकि तुमने पुराने मनुष्यत्व को उसके कामो समेत उतार डाला है
अगर आप खुद से प्रेम रखते है और खुदा की बातों को अपने जीवन में पूरा करते है तो आप कभी दूसरे को धोखा नही देंगे बल्कि आप धोके से नफरत करने लगेंगे और आपके अंदर बदलाव आने लगेंगे और आप खुदा  की बातों में बढ़ने लगेंगे नीतिवचन 13: 5 एक धर्मी व्यक्ति धोखे से नफरत करता है, लेकिन दुष्ट व्यक्ति शर्मनाक और लज्जाजनक है

बाइबल क्या कहती है?
निर्गमन 20:14 "तू व्यभिचार न करना" जब हम व्यभिचार करते है तभी हम धोका देने की शुरूआत करने लगते है हम एक बात को छुपाने के लिए एक झूट और उस को छुपाने के लिए दुसरा झूट बोलने लगते है और इसी तरह से हम अपने जीवन साथी को या अपने घर के लोगो को धोखा देना शुरू कर देते है

इब्रानियों 13: 4 विवाह सब में आदर की बात समझी जाए और बिछोना निष्कलंक रहे क्योकि परमेश्वर व्यविचारियो और परस्त्रीगामीयो का न्याय करेगा
विवाह का मतलब ये होता है कि एक लड़का और एक लड़की जब शादी करते है तो वो दोनों एक विशवास के बंधन में बंध जाते है और ये बन्धन ऐसा होता है जो पारदर्शी होता है जिसको पति और पत्नी आसानी से देख सकते है । और अगर यही पर पारदर्शिता नही होगी तो दोनों के रिश्तों में कड़वा पन और दरार आ जायेगी और दोनों के रिश्ते खराब हो जाएंगे और दोनों अलग हो जाएंगे और दोनों के जीवन बर्बाद हो जाएंगे ।
इसलिए इन सभी को रिकने के लिए आप सभी को एक काम करना होगा की आप सभी लोग अपने अपने जीवन में पारदर्शिता लाये जिससे आपके जीवन साथी के साथ आपके सम्बन्ध सरल और मदुर बने रहे और खुदा का अनुग्रह आपके जीवन में बना रहे
खुदा आपको आशिशे दे। आमीन।।

Friday, March 24, 2017

कंगाल वो है जो परमेश्वर को नही जानता।

यूहन्ना 3:16
क्योंकि परमेश्वर ने जगत से ऐसा प्रेम रखा कि उस ने अपना एकलौता पुत्र दे दिया, ताकि जो कोई उस पर विश्वास करे, वह नाश न हो, परन्तु अनन्त जीवन पाए।

प्रियजन जो व्यक्ति परमेश्वर के निकट नही है चाहे वो कितना भी बडा धनवान क्यो न हो परन्तु वो सबसे बडा कंगाल है,
क्योकि उस पर अनन्त जीवन नही क्योकि जिसके पास पुत्र है उसके पास जीवन है और जिसके पास परमेश्वर का पुत्र नही उसके पास जीवन भी नही।

जय मसीह की परमेश्वर आप सभी भाईयो बहनो को बहुतायक से आशीषं दे

"परमेश्वर के वायदे"


जो मसीह भाई बहिन परमेश्वर के प्रति प्रेम रखते हैं,और साथ ही बाइबिल में रूचि भी रखते हैं,वह जानते होंगे की परमेश्वर ने अपने लोगो से 32500  वायदे किये हैं......

यानि किसी भी विश्वासी भाई बहिन का जीवन इस संसार में कम हो सकता हैं, पर परमेश्वर के किये वायदे उनके जीवन में कभी खत्म नहीं हो सकते कितना महान परमेश्वर हैं,

परमेश्वर हमारी सभी बातों का जवाब  देते है और साथ ही अपने बेटे के साथ हमेशा हमेशा के लिए हममे और हमारे साथ रहना चाहते है....

आइये आज कुछ वादों की तरफ ध्यान करे।

यीशु ने कहा लूका 18:27,में, जो मनुष्य से नहीं हो सकता, वह परमेश्वर से हो सकता है।

ऐसा क्या हैं,जो मनुष्य से तो नहीं हो सकता वह परमेश्वर से हो सकता है।

आइये देखे, पवित्र बाइबिल में परमेश्वर ने जब अपने बेटे हमारे उद्धारकर्ता यीशु मसीह को तीसरे दिन मुर्दो में से जिलाया तो क्या वो हमें नहीं जिलायेगा? जो उसके बेटे पर विश्वास करते हैं, मसीहों का यही सबसे बड़ा विश्वास हैं, की यह काम केवल परमेश्वर ही कर सकते है, यह काम कोई इंसान नहीं कर सकता और हम इसी बात पर पूरा विश्वास भी करते हैं।आमीन

अफ़सोस तब होता हैं जब हमारे किसी अजीज के चले जाने से हम रोते हैं परेशान होते हैं,यह समय होता हैं की जब हम अपने परमेश्वर के द्वारा किये हुए वायदों पर विश्वास करे की जैसे परमेश्वर ने अपने बेटे को जिलाया वैसे ही एक दिन हमारे अजीज को भी हमसे मिलाएगा.... हलेलुइय्या....

हममे से कितने इस वायदे पर विश्वास करते हैं...?यह हमें अपने अंदर महसूस करना हैं।

अक्सर हम अपने जीवन में ऐसा महसूस करते हैं, की हम ज़िन्दगी में बहुत थक गए हैं,

लेकिन हमारा प्रभु यीशु मसीह कहता है मैं तुम्हे विश्राम दूंगा.....

मत्ती 11:28,में लिखा हैं,हे सब परिश्रम करने वालों और बोझ से दबे लोगों, मेरे पास आओ; मैं तुम्हें विश्राम दूंगा।

आज कितने ऐसे मसीह भाई बहिन हैं जो अपने बोझ को लेकर प्रभु यीशु मसीह के पास इस विश्वास से जाते हैं कि जिसने हमारे पापो का बोझ क्रूस से उठा लिया वह हमारी ज़िन्दगी की हर परेशानी का बोझ भी उठा सकता हैं पर शर्त यह हैं की हम उसके पास जाये तो सही.....

अक्सर ज़िन्दगी के एक मोड़ पे हमें ऐसा लगता हैं बस अब हम एक कदम भी आगे नहीं चल सकते यह पहाड़ से जीवन का रास्ता कैसे काटेगा..?बस और नहीं, एक कदम भी नहीं, हम और आगे बढ़ सकते....

लेकिन हमारा परमेश्वर कहता है 2 कुरिन्थियों 12:9,में लिखा हैं, और उस ने मुझ से कहा, मेरा अनुग्रह तेरे लिये बहुत है; क्योंकि मेरी सामर्थ निर्बलता में सिद्ध होती है; इसलिये मैं बड़े आनन्द से अपनी निर्बलताओं पर घमण्ड करूंगा, कि मसीह की सामर्थ मुझ पर छाया करती रहे।

क्या हम पर भी उसकी छाया वास करती हैं, क्या परमेश्वर हम से भी यह नही कहता की मेरा अनुग्रह मेरे बच्चो तुम्हारे लिए काफी है,पर हम उसकी आवाज को सुन नहीं पाते हम उसकी आवाज को सुने तो सही।

अक्सर हम मार्था की तरह अपने दुनियाबी कामो के लिए हमेशा चिंतित और परेशान रहते हैं,

बाइबिल बताती हैं,1 पतरस 5:7,में लिखा हैं,और अपनी सारी चिन्ता उसी पर डाल दो, क्योंकि उस को तुम्हारा ध्यान है।

क्या हमने कभी अपनी चिंताएं उस पर डाली नहीं हम खुद उन्हें सुलझाने में लगे रहते हैं,और भी इलझते जाते हैं,फिर कहते हैं,परमेश्वर हमारी नही सुनता,हमारा प्रभु यीशु बोलता है अपनी चिंता मुझे दे दो,अब तक नहीं दी पर यदि आज समझ आया हैं तो आज से ही दे दो और फिर देखो उसे हमारी चिंता हैं कि नहीं?

अक्सर जीवन में कुछ अनजाने में हुए हादसों को लेकर हम यह कहते हैं,की मैं अपने आप को माफ़ नही कर पाउँगा....

बाइबिल बताती हैं,1 यूहन्ना 1:9,में लिखा हैं,यदि हम अपने पापों को मान लें, तो वह हमारे सारे पापों को क्षमा करने, और हमें सब अधर्म से शुद्ध करने में विश्वासयोग्य और धर्मी है।

क्या कभी हमने ऐसा करने की कोशिश की शायद नहीं,कोई बात नहीं अब तक नहीं की अब भी कर सकते हैं,.....

ज़िन्दगी में कुछ काम जल्द बाजी मे शुरू कर लेते हैं,बिना प्रार्थना बिना परमेश्वर की इच्छा के और फिर एक दिन हमको लगता हैं,हम इसे पूरा नही कर सकते..?

परमेश्वर का वचन बताता हैं फिलिपियों  4:19,में लिखा हैं,और मेरा परमेश्वर भी अपने उस धन के अनुसार जो महिमा सहित मसीह यीशु में है तुम्हारी हर एक घटी को पूरी करेगा। आमीन

लिखा हैं,हर एक घटी को सिर्फ और सिर्फ अपने परमेश्वर के पास आओ तो सही...

जब हम खुद अपनी ही युक्तियों में फस जाते हैं, तब हमें ऐसा महसूस होता की हम इस दुनिया के मुकाबले ज्यादा समझदार नही हैं,

परमेश्वर का वचन कहता हैं,
1 कुरिन्थियों 1:30,में लिखा हैं,
परन्तु उसी की ओर से तुम मसीह यीशु में हो, जो परमेश्वर की ओर से हमारे लिये ज्ञान ठहरा अर्थात धर्म, और पवित्रता, और छुटकारा...

यीशु को हम सही तरह समझ ही नहीं पाते तो ज्ञान और समझ और बुद्धि हमे कहा से मिले।

याक़ूब 1:5, में लिखा हैं, पर यदि तुम में से किसी को बुद्धि की घटी हो तो परमेश्वर से माँगे, जो बिना उलहाना दिए सबको उदारता से देता हैं,और उसको दी जायेगी।

क्या हमने कभी परमेश्वर से बुद्धि माँगी शायद माँगने की लिस्ट में गाड़ी, बगला, अच्छा घर, वगैरा वगैरा तो हैं पर उस लिस्ट में बुद्धि नहीं हम चाहे तो आज माँगे जो हमें बिना उलहाना दिए उदारता से देता हैं,

अक्सर ज़िन्दगी में हमारे रिश्ते एक  ऐसे नाज़ुक मोड़ पर पहुत जाते हैं, जिनमे हम कहते हैं,अब मैं अकेला ही रह गया हूँ और कोई मुझे प्यार नही करता.....

लेकिन हमारा परमेश्वर कहता है मैं तुझे कभी न छोड़ूंगा और न तुम्हे त्यागूँगा....

इब्रानियों 13:5,में लिखा हैं, तुम्हारा स्वभाव लोभरिहत हो, और जो तुम्हारे पास है, उसी पर संतोष किया करो; क्योंकि उस ने आप ही कहा है, कि मैं तुझे कभी न छोडूंगा, और न कभी तुझे त्यागूंगा।

पहली बात हमारा स्वभाव लोभरिहत हो,तो फिर उसका किया हुआ वायदा अपने जीवन में देखो की पूरा होता हैं कि नहीं???

भजन सहित में लिखा हैं,परख कर देख यहोवा कितना भला है, हम अपने जीवित और सामर्थ्य से भरे परमेश्वर को परखे भी और जांचे भी क्योकि हमारा परमेश्वर इंसान नहीं जो अपने वायदे से मुकर जायेंगे।

क्यों की बाइबिल में लिखा हैं परमेश्वर इंसान नहीं जो कह कर मुकर जाये।

हम इन में से एक भी वायदे को अपने जीवन में आजमा कर देख ले अगर आपकी ज़िन्दगी में पूरा न हो तो मैं आपका भाई परमेश्वर का गुनेगार हूँगा। मैं जानता हूँ परमेश्वर अपने लोगो की बात को गिरने नहीं देता।आमीन

प्रभु आप सबको आशीष और बरकतों से मालामाल करे।सबसे पहले रूहानी फिर जिस्मानी आमीन।