Wednesday, April 26, 2017

"धर्मी लोग"


भजनकार अपने भजन 92:12, मे कह रहे हैं, धर्मी लोग खजूर (🌴 PALM) के समान होगें,और लबालोन के देवदार के समान बढ़ते रहेंगे।।।।..

कौन सिर्फ और सिर्फ धर्मी लोगो की बात हो रही हैं....??

ऐसा मैं नहीं कह रहा परमेश्वर का जीवित वचन कह रहा है,यहाँ एक सवाल हैं....?

क्या हम धर्मी हैं,?

क्या हम फल और फूल रहे हैं,परमेश्वर के अनुग्रह में जैसा वचन कह रहा हैं, ..?शायद नहीं वजह हम परमेश्वर का वचन ध्यान से न तो पड़ते हैं,न समझते हैं।

पवित्र बाइबिल कहती हैं,रोमियो 3:10 में "कोई धर्मी नहीं एक भी नहीं।

अभी कुछ दिनों के बाद एक विशाल भीड़ निकलेगी जलूस की शक्ल में दिलो में एक दूसरे कें लिए मैल लिए हुए, छल और कपट लिए हुए शायद खजूर की डालियाँ भी लिए हुए...... और कह रही होंगी होशन्ना होशन्ना Palm sunday यानि ख़जूर के इतवार पर....

पवित्र बाईबल भी चार बड़ी भीड़ो का जिक्र करती है? देखे हम कौन सी भीड़ में होंगे?

पहली भीड़ 1..यहून्ना 6 में करीब 5000 की भीड़ थी, जो सिर्फ खाने के लिए थी.....

दूसरी भीड़ 2..यहून्ना 12 मे खजूर की डालियाँ लिए हुए होशाना के नारे लगाते हुए.....

तीसरी भीड़ 3..मरकुस 15 मे एक बड़ी भीड़ चीख चीख के कह रही थी, इसे क्रूस दो, इसे क्रूस दो..

4..चौथी और आखिरी भीड़ प्राकाशितवाक्य 7 में हैं, जो धर्मियो की हैं, उन्होंने भी हाथ में खजूर की डालियाँ ली हुई हैं, लेकिन उन्होंने अपने वस्त्र परमेश्वर के पुत्र के लहू से धो कर शुद्ध कर लिये हैं, और वो भी कह रहे हैं, होशाना!होशाना!होशाना!

हम कौन सी भीड़ मे रहेंगे!आज यह एक गंभीर सवाल हैं?... क्योकि वचन तो बता रहा हैं, धर्मी लोगा खजूर (🌴 PALM) के समान होगें,

जिस दिन हम बड़ी भीड़ लेकर निकलेंगे उस दिन यीशु ने क्या किया था कोई जानता हैं,..? शायद नही लेकिन पवित्र आत्मा बतायेगा... उस दिन प्रभु यीशु ने कहा...

लूका 19:41-42, में पढे तो वहा लिखा हैं,...जब वह निकट आया तो नगर को देख कर उस पर "रोया" और कहा, " क्या ही भला होता कि तू, हाँ तू ही, इसी दिन में कुशल की बातें जानता, परन्तु अब वे तेरी आँखों से छुप गई।.....

क्यों की प्रभु यीशु जानते थे के जब तक प्रभु यीशु उन के बीच थे तब तक तो वह प्रभु यीशु को जान नहीं पाए थे और अब वह घड़ी आने वाली थी जब प्रभु यीशु को क्रूस पे जाना था,मेरे और आप के लिए तभी यीशु उन से यह कह रहे थे और रो भी रहे थे,आज हमारी हालत उन दिनों से कही बत्तर हैं।

क्यों की उस समय उन लोगों की आँखों से उद्धार की बातें छिप गई थी, आज हमारी आँखों से छिप गई हैं, जिस दिन हम जलूस लेकर निकलेंगे  उस दिन हमें अपनी पूरी कौम के लिए अपने घुटनो पर बैठ कर रोना चाहिये अपनी क़ौम के लिए दुआएँ करनी चाहिये वजह वक्त बहुत नज़दीक हैं,........

प्रभु का अनुग्रह हम सब पर हो और हम उस दिन के मकसद को हम सब जाने अभी समय हैं, बाइबिल क्या कहती हैं यह हमें केवल पवित्र आत्मा ही बताएगा,के उस दिन वहाँ भीड़ क्यों जमा थी?हम जो भी करे समझ के साथ करे, प्रभु हम सब को आषिश दें....

अपनी अक्ल, समझ,और बुद्धि दे, ताकि हम परमेश्वर के वचन के मुताबिक चले आमीन....

उस दिन भीड़ वहाँ क्यों जमा थी इसे हम फिर समझ लेंगे।आप सब मेरे लिए दुआ करना।

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