भजन संहिता 145:2, मे लिखा हैं, "प्रतिदिन" मैं तुझ को धन्य कहा करूँगा, और मैं तेरे नाम की "स्तुति सदा सर्वदा" करता रहूँगा।....
यह बात दाऊद लिख रहे हैं,
"प्रतिदिन"
मैं तुझ को धन्य कहा करूँगा, आखिर क्यो..? क्योकि हमे प्रतिदिन का दिन हमारा जीवित परमेश्वर हमे दिखाता हैं,
हम सब अपने जीवित परमेश्वर की महीमा करे उसका धन्यवाद करे क्योकि बहुत से लोग आज का दिन नही देखने पाये...
पर हम देख रहे हैं हम पर उसकी दया और उसकी करुणा हुई है उसकी स्तुति करे और उसका धन्यवाद करे...
अक्सर लोग परमेश्वर को तब ही धन्य कहते है जब उनके जीवन मे कोई अच्छा कार्य होता है या उन्हे जब कोई आषिश मिलती है....
और स्तुति और महिमा केवल हम इतवार यानी सन्डे को या फिर किसी प्रेयर मीटिंग मे ही करते है,...
और बाकि का समय भी तो हमे परमेश्वर कि ओर ही से मिलता है फिर क्यो नही हम हर वक्त उसकी महिमा करते है,.....
प्यारे मसीह भाईयो और बहनो हमे दाउद कि तरह हर पल उसको धन्य कहना है उसकी स्तुति और उसकी महिमा करनी है......
क्यो करे उसकी महिमा और स्तुति इसकी वजह मैं बताता हूँ जितनी देर आप परमेश्वर कि स्तुति और महिमा मैं रहोगे उतनी देर आप दुनिया की हर बुराई से दूर रहोगे आप सोचो दाउद ने ऐसा क्यो लिखा..?
दाउद ने यह तब लिखा...जब दाउद को अपनी गलती का एहसास हुआ... परमेश्वर के नियम के अनुसार राजाओं को हर साल नये साल पर युद्ध के लिए जाना होता था दाउद राजा थे और उन्हे भी युद्ध पर जाना था लेकिन दाउद उस युद्ध पर नही गये......
उन्होंने अपने सेनापति को उस युद्ध पर भेज दिया दाउद महल मे थे जब वह महल कि छत पर गये तो उन्होंने अपने सेनापति की बीबी को नहाते देखा और दाउद के मन में व्यभिचार समा गया......
और दाउद से व्यभिचार हो गया यह कब हुआ जब परमेश्वर की Aagya से दाउद हटे और हो गया पाप दाउद से दाउद ने इसका भजन संहिता 51 में पुरी तरह प्रायश्चित किया.....
तब दाउद समझ गये के इस पाप का कारण केवल परमेश्वर से दूरी था तब दाउद ने कहा मैं प्रतिदिन तुझ को धन्य कहा करूँगा, और मैं तेरे नाम की "स्तुति सदा सर्वदा" करता रहूँगा.....
हम भी हर पाप से हर आजमाइशो से दूर रह सकते है लेकिन कब...? जब हम भी प्रतिदिन परमेश्वर को धन्य कहा करे, और उसके नाम की "स्तुति सदा सर्वदा" करते रहे आमीन....
प्रभु का अनुग्रह हर भाई बहन पर सदा बना रहे आमीन...मसीह मे आपका भाई अनिल विलकिनसन....
सब को जय मसीह की हम सब प्रभु यीशु मसीह में सदा आनंदित रहे आज का दिन सबका शुभ हो आमीन..
No comments:
Post a Comment