Thursday, February 16, 2017

Topic Shrap


1. श्राप क्या हैं।
**आशीष का ना होना श्राप हैं।
चलो देखते हैं की बाइबिल हमें श्राप के बारे में क्या बताती हैं आखिर श्राप हैं क्या।।
हमारे पुरखाओं ने पाप किया, ओर मर मिटे हैं; परन्तु उनके अधर्म के कामों का भार हम को उठाना पड़ा है।
(विलापगीत 5:7)
यहाँ पे लिखा गया हैं की हमारे पूर्वजो ने जो अधर्म के काम करके श्रापित हुए हैं उनके श्रापो का भार हमपे लाद दिया गया हैं। जब हम मसीह में नही होते हैं तो हमारे ऊपर चार पीढ़ी यानी की 30 लोगो को श्राप रहता हैं।
2.श्राप जिनमे आता हैं वो कैसा रहता हैं।
चलो बाइबिल में देखते हैं क़ि बाइबिल क्या बताती हैं श्राप के बारे में जिनके ऊपर श्राप हैं उसकी हालत कैसी हैं।
वह निर्जल देश के अधमूए पेड़ के समान होगा और कभी भलाई न देखेगा। वह निर्जल और निर्जन तथा लोनछाई भूमि पर बसेगा।
(यिर्मयाह 17:6)
बाइबिल बताती हैं जिनके अंदर श्राप हैं वह आधा मरा हुआ हैं। और कभी भलाई नही देखेगा।
3.क्या श्राप लंबे समय तक रहता हैं?
चलो देखते हैं बाइबिल क्या बताती हैं की क्या श्राप लंबे समय तक रहती हैं।
फिर उसी समय यहोशू ने इस्राएलियों के सम्मुख शपथ रखी, और कहा, कि जो मनुष्य उठ कर इस नगर यरीहो को फिर से बनाए वह यहोवा की ओर से शापित हो। जब वह उसकी नेव डालेगा तब तो उसका जेठा पुत्र मरेगा, और जब वह उसके फाटक लगावाएगा तब उसका छोटा पुत्र मर जाएगा।
(यहोशू 6:26)
चलो आगे देखते हैं इस श्राप के कारण क्या होता हैं और बाइबिल क्या बताना चाहती हैं। 500 साल के बाद
उसके दिनों में बेतेलवासी हीएल ने यरीहो को फिर बसाया; जब उसने उसकी नेव डाली तब उसका जेठा पुत्र अबीराम मर गया, और जब उसने उसके फाटक खड़े किए तब उसका लहुरा पुत्र सगूब मर गया, यह यहोवा के उस वचन के अनुसार हुआ, जो उसने नून के पुत्र यहोशू के द्वारा कहलवाया था।
(1 राजा 16:34)
देखो भाइयो और बहनो बाइबिल भी बताती हैं की श्राप लंबे समय तक रहता हैं।
चलो एक वचन और देखते हैं।
हे गिलबो पहाड़ो, तुम पर न ओस पड़े, और न वर्षा हो, और न भेंट के योग्य उपज वाले खेत पाए जाएं
(2 शमूएल 1:21)
हे गिलबो पहाड़ो, तुम पर न ओस पड़े, और न वर्षा हो, और न भेंट के योग्य उपज वाले खेत पाए जाएं।
आज भी गिलबो पहाड़ो पर ना ही ओस पड़ी हैं न ही वर्षा हुई हैं।
देखो श्राप बहोत दिनों तक रहता हैं।
इसलिए प्रभु कहता हैं,,,
मेरा ज्ञान न होने के कारन मेरी प्रजा नष्ट हो गई
होशे (4:6)
फिर प्रभु कहता हैं ,,,,,
तुम सत्य को जानो और सत्य तुम्हे स्वतंत्र करेगा।
(युहन्ना 8:32)
4.श्राप कैसे लोगो पर पड़ता हैं।
चलो बाइबिल क्या कहती हैं देखते हैं।
जैसे गौरिया घूमते घूमते और सूपाबेनी उड़ते-उड़ते नहीं बैठती, वैसे ही व्यर्थ शाप नहीं पड़ता।
(नीतिवचन 26:2)
यहाँ पर बाइबिल बताती हैं की यदि हमारी कोई गलती ना रहे और कोई श्राप देता है तो श्राप नही लगता हैं।
5. तुम्हारा चुनाव क्या हैं?
आइये देखते हैं प्रभु हमसे क्या कहता हैं।
मैं आज आकाश और पृथ्वी दोनों को तुम्हारे साम्हने इस बात की साक्षी बनाता हूं, कि मैं ने जीवन और मरण, आशीष और शाप को तुम्हारे आगे रखा है; इसलिये तू जीवन ही को अपना ले, कि तू और तेरा वंश दोनों जीवित रहें;
(व्यवस्थाविवरण 30:19)
यहाँ पे प्रभु कहता हैं की जीवन मरण आशीष श्राप आपके सामने हैं। लेकिन इन चारो में से जीवन को चुनने को कहता हैं। इसलिए मेरे प्यारे भाइयो और बहनो किसी को भी श्राप मत दो।
क्यूक़ि,,,,,,,
जीभ के वश में मृत्यु और जीवन दोनों होते हैं और जो कोई उसे काम लाना जानता हैं वह उसका फल भोगेगा।
इसलिए यदि आप किसी को श्राप देते हो तो आपको उसका फल नरक मिलेगा इसलिए मैं आप सभी से हाथ जोड़कर विनती करता हु की आप किसी को श्राप ना दो। क्योंकि जीभ के वश में जीवन और मृत्यु हैं।
आइये देखते हैं बाइबिल क्या कहती हैं जीभ के बारे में।।
वहां से वह बेतेल को चला, और मार्ग की चढ़ाई में चल रहा था कि नगर से छोटे लड़के निकलकर उसका ठट्ठा कर के कहने लगे, हे चन्दुए चढ़ जा, हे चन्दुए चढ़ जा।
तब उसने पीछे की ओर फिर कर उन पर दृष्टि की और यहोवा के नाम से उन को शाप दिया, तब जंगल में से दो रीछिनियों ने निकल कर उन में से बयालीस लड़के फाड़ डाले।
(2 राजा 2:23-24)
देखो यहाँ पे एलिश करके प्रभु का दाश था उन बच्चों को श्राप दिया और वे मर गए। इसलिए आप किसी को श्राप मत दो क्योंकि
इसी से हम प्रभु और पिता की स्तुति करते हैं; और इसी से मनुष्यों को जो परमेश्वर के स्वरूप में उत्पन्न हुए हैं श्राप देते हैं।
एक ही मुंह से धन्यवाद और श्राप दोनों निकलते हैं।
हे मेरे भाइयों, ऐसा नहीं होना चाहिए।
(याकूब 3:9-11)
अगर फिर भी आप किसी को श्राप देते हो तो प्रभु कहता हैं की।।
जो कोई व्यवस्था की पुस्तक में लिखी हुई सब बातो के करने में स्थिर नही रहता वह श्रापित हैं।
(गलतियों 3:10)
अगर आप व्यवस्था यानी बाइबिल में लिखी हुई बातो को नही मानते या फिर उसपे नही चलते हैं तो आप श्रापित हैं।
यीशु की जय जय हो
यीशु हमारा राजा हैं।
वही हमें बचाता है।
अमीन।।***

Rev. Samson Michael
JSA Church Sahibabad

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